प्यार....!!
••••••••••हम लोगों को आपस में बात करते हुए मोबाइल पर 3 साल से ऊपर हो चुका था...!! इस बीच बहुत से दोस्त, बहुत से लोग, मिले..... जिनसे हम अपने विचार बांटते थे....!! इन्हीं विचारों के बांटने से एक दूसरे के बारे में जानकारी प्राप्त होती थी...!! और यही जानकारी हमें एक - दूसरे के करीब लाती थी...!
क्योंकि, इसी विचार से, इसी जानकारी से, हमें एक - दूसरे के बारे में काफी कुछ पता चल जाता था...! यही मित्रता की पहली सीढ़ी है....!!! एक दूसरे को अच्छे से पहचानना..... जानना समझना....!!
हम लोगों को बात करते हुए काफी समय गुजर चुका था। हम दोनों एक साथ समय गुजारा करते थे। वह और मैं एक प्लेटफार्म पर मिले थे..... !! जहां हम कहानियां और कविताएं लिखा करते थे।
वहां से हम लोगों ने एक - दूसरे का नंबर एक्सचेंज किया ..... और धीरे-धीरे आपस में बात करने लगे....!! बातें होते-होते इंसान में लगाव हो ही जाता है...!!
यह बहुत ही normal बात है...... जब दो लोग आपस में बात करते हैं तो, एक लगाव उत्पन्न हो ही जाता है। वह प्यार से नीचे होता है और दोस्ती से कहीं ऊपर होता है....! लगाव, यानी कि मन का मन से मिलना...... विचारों का विचारों से मिलना...... एक दूसरे को समझना...... एक दूसरे की बातों को समझना..... इसी तरह जब हम जान लेते हैं कि, वह बंदा हमारे जैसा ही है, हमारे जैसा ही दिल रखता है, और उसकी बहुत - सी आदतें हमारे जैसी हैं, या कह लो मिलती हैं, तो एक तरीके से उसके प्रति हमारी भावनाएं बदलने लगती हैं। और हमें उस से लगाव होने लगता है। यही लगाव एक अच्छी दोस्ती का कारण भी बनता है।
मैं....good morning 😊
तुम....good morning 😊 😊
मैं....😊 😊 😊😊
तुम....😊 😊 😊😊 😊 😊 😊😊
मैं....😊 😊 😊😊 😊 😊 😊😊😊 😊 😊😊 😊 😊 😊😊
तुम.... क्या हुआ बोलो आप, मेरे बाप!!
मैं....कुछ नहीं...!!
तुम....Ok by tc....!!
अगली सुबह..!!
मैं ..... कैसे हो ...??
तुम..... 😀
मैं..... ठीक हो....??
तुम ..... हां...!!
मैं ..... क्या कर रहे हो ....??
तुम..... मैं, काम कर रहा हूं....!!
मैं.....अच्छा...!! ठीक है, काम कर लो, फिर...! जब फ्री हो तब बात करना....!!
तुम..... तुम, क्या कर रही हो.....??
मैं..... इंतजार....!!
तुम ......किसका....??
मैं...... एक पागल का...!!
तुम.....कौन है...?? वह पागल.....!!!
मैं...... जो मेरी चैट पढ़ रहा है.....!! हा.. हा ..हा ..हा ..हा ..हा!
तुम.....(गुस्सा होते हुए 😡 ) अच्छा जी.....!! मैं, और पागल....!! मैं क्या सचमुच मैं पागल हूँ...??
मैं....नहीं,
तुम.....फिर क्यों तुम मुझे हर वक़्त पगला बोलती हो....??
और मैं जोर से हंस देती थी.....!
वो गुस्सा हो जाता था। और आफलाइन हो जाता था। गुस्से में बात भी नहीं करता है वो। block/unblock बार बार ही वो कर देता था...!!
और मैं बस उसका इन्तज़ार।
समय कुछ बीतता है तो मेरे मोबाइल पर मैसेज आता है।
तुम..... S o r r y..... :-(
मैं...... ठीक है....कोई बात नहीं ....!
तुम......अब नहीं कुछ बोलूंगा..... promise...!!
मैं.....ok 😀
तुम.....अब हंसने क्यों लगी हो!!
मैं..... तुम पर....!! 😊
तुम....... क्यों....?
मैं..... लड़ते हो फिर मनाने आते हो!!! लडते ही क्यों हो फिर??
तुम.... प्यार जो बढ़ता है....!!
मैं.......:-) अच्छा....!!
तुम.....हां बाबा....!!
तुम....सुनो, आज लड़ाई कर लो ना!!
मैं....क्यों...!!
तुम....कुछ प्यार कम हो रहा है....!!
और दोनों हँसते हैं....।
स्वरचित
©️ बबीता।
Date ... 15/11/22
Time... 10.45 PM
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