आज वो मेरे पास है,
बहुत पास...
बरसों से थी उसी की तमन्ना,
उसकी ही थी आस,
वो है, मेरे दिल के करीब,
मेरे पास,
हां, सच्ची, वो ही तो है,
मेरे बहुत पास,
मेरा सरमाया, मेरा खास,
सेहरा भी है उसके सर पर,
सेहरा भी है उसके सर पर,
बिखरे-बिखरे से हैं कुछ उसके हाल,
सखी, जानती हो,
मैं भी हूं कुछ इतराई,
आखों में है, शोख-सी चंचलता,
लबों से शर्माई,
चाल भी है मेरी आज,
कुछ कुछ बलखाई,
देखा जब खुद की जुल्फों को,
रूखसारो पर जो लहराई,
अपने को ही लगा बैठी मैं नजर,
अब शीशा ना देखने की कसम है खाई!
बहुत पास...
बरसों से थी उसी की तमन्ना,
उसकी ही थी आस,
वो है, मेरे दिल के करीब,
मेरे पास,
हां, सच्ची, वो ही तो है,
मेरे बहुत पास,
मेरा सरमाया, मेरा खास,
सेहरा भी है उसके सर पर,
सेहरा भी है उसके सर पर,
बिखरे-बिखरे से हैं कुछ उसके हाल,
सखी, जानती हो,
मैं भी हूं कुछ इतराई,
आखों में है, शोख-सी चंचलता,
लबों से शर्माई,
चाल भी है मेरी आज,
कुछ कुछ बलखाई,
देखा जब खुद की जुल्फों को,
रूखसारो पर जो लहराई,
अपने को ही लगा बैठी मैं नजर,
अब शीशा ना देखने की कसम है खाई!
@njiBS
Comments
Post a Comment