लिखना....
मन की बातों को, तुम
ज़ज्बातो की स्याही लिए,
और,
ये भी लिखना,
कि,
कुछ हल्का हुआ बोझ,
उतार कर, किसी कोरे पन्ने पर,
दर्द, जो तूने जिये।
लिखना,
अच्छी बुरी सारी बातों को तुम,
जिन्दगी की उलझनों को,
जिन्दगी का मकड़जाल,
सुलझ सकता है,
तेरे लिखने से ही,
किसी कोरे पन्ने पर।
जब भी दिल उदास हो,
कोई भी ना पास हो,
शब्दकोश तेरा दोस्त,
कलम बन जाती है,
फिर सखी तेरी,
ये दुनिया हो जाती है,
फिर से नयी तेरी,
लिखना.....
मन की सारी बातों को तुम।
वो पहला प्यार,
वो इजहार,
वो मनुहार।
@njiBS
मन की बातों को, तुम
ज़ज्बातो की स्याही लिए,
और,
ये भी लिखना,
कि,
कुछ हल्का हुआ बोझ,
उतार कर, किसी कोरे पन्ने पर,
दर्द, जो तूने जिये।
लिखना,
अच्छी बुरी सारी बातों को तुम,
जिन्दगी की उलझनों को,
जिन्दगी का मकड़जाल,
सुलझ सकता है,
तेरे लिखने से ही,
किसी कोरे पन्ने पर।
जब भी दिल उदास हो,
कोई भी ना पास हो,
शब्दकोश तेरा दोस्त,
कलम बन जाती है,
फिर सखी तेरी,
ये दुनिया हो जाती है,
फिर से नयी तेरी,
लिखना.....
मन की सारी बातों को तुम।
वो पहला प्यार,
वो इजहार,
वो मनुहार।
@njiBS
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